Hindi Prefixes (उपसर्ग): परिभाषा, प्रकार, उदाहरण और अभ्यास

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उपसर्ग शब्द-रचना का महत्वपूर्ण विषय है। उपसर्ग किसी मूल शब्द के पहले जुड़कर उसके अर्थ में बदलाव लाता है या नया शब्द बनाता है।

उपसर्ग की परिभाषा

जो शब्दांश किसी शब्द के आरंभ में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन करे या नया शब्द बनाए, उसे उपसर्ग कहते हैं। उदाहरण: अ + न्याय = अन्याय; सु + पुत्र = सुपुत्र; प्र + गति = प्रगति।

प्रमुख उपसर्ग और उदाहरण

उपसर्गमूल शब्दनया शब्दसंकेतित अर्थ
अ/अनन्यायअन्यायअभाव/विपरीत
सुयोगसुयोगअच्छा/उचित
दुर्/दुष्भाग्यदुर्भाग्यबुरा/कठिन
प्रगतिप्रगतिआगे बढ़ना
उपकारउपकारसहायता
अतिसुंदरअतिसुंदरबहुत अधिक
बेईमानबेईमानबिना/अभाव

उपसर्ग पहचानने के चरण

  1. शब्द को अर्थपूर्ण हिस्सों में समझें।
  2. देखें कि आरंभ में जुड़ा अंश नया अर्थ बना रहा है या नहीं।
  3. मूल शब्द और बने हुए शब्द का अर्थ तुलना करें।

ध्यान दें: हर शब्द के शुरुआती अक्षर उपसर्ग नहीं होते। उपसर्ग वही है जो शब्द-रचना में अर्थपूर्ण भूमिका निभाए।

अभ्यास

  1. उपसर्ग की परिभाषा लिखिए।
  2. ‘अन्याय’ में उपसर्ग पहचानिए।
  3. ‘सु’ उपसर्ग से एक शब्द बनाइए।
  4. ‘प्रगति’ का मूल शब्द बताइए।
  5. क्या हर शब्द के पहले अक्षर उपसर्ग होते हैं?
उत्तर देखें
  1. शब्द के आरंभ में जुड़कर अर्थ बदलने वाला शब्दांश उपसर्ग है।
  2. अन्/अन।
  3. सुपुत्र/सुयोग जैसे उत्तर।
  4. गति।
  5. नहीं।

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