Hindi Proverbs (लोकोक्तियाँ): अर्थ, उदाहरण और मुहावरे से अंतर

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लोकोक्तियाँ लोक-अनुभव पर आधारित प्रचलित कथन हैं जो किसी सीख, सत्य या जीवन-अनुभव को संक्षेप में व्यक्त करते हैं। इन्हें कहावतें भी कहा जाता है।

लोकोक्ति की परिभाषा

जन-जीवन में प्रचलित ऐसा कथन जो अनुभव, नीति या सीख व्यक्त करे, लोकोक्ति कहलाता है। उदाहरण: “जैसी करनी वैसी भरनी।”

महत्वपूर्ण लोकोक्तियाँ और अर्थ

लोकोक्तिअर्थ
जैसी करनी वैसी भरनीकर्म के अनुसार फल मिलता है।
जहाँ चाह वहाँ राहइच्छा और प्रयास से रास्ता निकलता है।
एकता में बल हैमिलकर काम करने से शक्ति बढ़ती है।
नाच न जाने आँगन टेढ़ाअपनी कमी का दोष दूसरों पर डालना।
देर आए दुरुस्त आएदेर से सही, पर सही काम करना अच्छा है।
बूँद-बूँद से घड़ा भरता हैछोटी बचत या प्रयास से बड़ा परिणाम बनता है।
अधजल गगरी छलकत जाएकम ज्ञान वाला अधिक दिखावा करता है।
घर का भेदी लंका ढाएअपना व्यक्ति भी नुकसान पहुँचा सकता है।
ऊँची दुकान फीका पकवानदिखावा अधिक, गुणवत्ता कम।
सौ सुनार की, एक लोहार कीएक प्रभावी काम कई छोटे प्रयासों से बढ़कर हो सकता है।

मुहावरे और लोकोक्ति में अंतर

मुहावरा सामान्यतः वाक्य का एक हिस्सा होता है और विशेष अर्थ देता है, जैसे ‘नाक कटना’। लोकोक्ति प्रायः पूरा कथन होती है और अनुभव या सीख देती है, जैसे ‘जैसी करनी वैसी भरनी’।

अभ्यास

  1. लोकोक्ति किसे कहते हैं?
  2. ‘जहाँ चाह वहाँ राह’ का अर्थ लिखिए।
  3. ‘नाच न जाने आँगन टेढ़ा’ कब कहा जाता है?
  4. मुहावरे और लोकोक्ति में एक अंतर लिखिए।
  5. ‘बूँद-बूँद से घड़ा भरता है’ का अर्थ बताइए।
उत्तर देखें
  1. अनुभव या सीख व्यक्त करने वाला प्रचलित कथन।
  2. इच्छा और प्रयास से रास्ता निकलता है।
  3. जब कोई अपनी कमी का दोष दूसरों पर डालता है।
  4. मुहावरा वाक्यांश होता है; लोकोक्ति प्रायः पूर्ण कथन होती है।
  5. छोटे प्रयासों से बड़ा परिणाम बनता है।

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