समुच्चयबोधक ऐसे अविकारी शब्द हैं जो दो शब्दों, पदबंधों या वाक्यों को जोड़ते हैं। इनके प्रयोग से विचारों के बीच जोड़, विरोध, विकल्प, कारण या परिणाम का संबंध स्पष्ट होता है।
समुच्चयबोधक की परिभाषा
जो शब्द दो शब्दों, पदों या उपवाक्यों को परस्पर जोड़ते हैं, उन्हें समुच्चयबोधक कहते हैं। उदाहरण: और, तथा, लेकिन, किंतु, अथवा, क्योंकि, इसलिए।
समुच्चयबोधक के सामान्य प्रकार
1. जोड़ने वाले
और, तथा, एवं। उदाहरण: रीना और सीमा पुस्तकालय गईं।
2. विरोध या अंतर बताने वाले
लेकिन, परंतु, किंतु, मगर। उदाहरण: वह थका था, लेकिन काम पूरा किया।
3. विकल्प बताने वाले
या, अथवा। उदाहरण: चाय या दूध ले लो।
4. कारण बताने वाले
क्योंकि, चूँकि। उदाहरण: मैं घर रुका क्योंकि बारिश हो रही थी।
5. परिणाम बताने वाले
इसलिए, अतः, फलतः। उदाहरण: बारिश तेज थी, इसलिए मैच रोक दिया गया।
वाक्य में प्रयोग
| वाक्य | समुच्चयबोधक | संबंध |
|---|---|---|
| राम और मोहन आए। | और | जोड़ |
| मैंने बुलाया, लेकिन वह नहीं आया। | लेकिन | विरोध |
| तुम चाय या कॉफी चुनो। | या | विकल्प |
| वह नहीं आया क्योंकि वह बीमार था। | क्योंकि | कारण |
| सड़क गीली थी, इसलिए हम धीरे चले। | इसलिए | परिणाम |
समुच्चयबोधक का सही प्रयोग
- दोनों जुड़े भागों के अर्थ का संबंध समझकर शब्द चुनें।
- विरोध के लिए ‘लेकिन’ और कारण के लिए ‘क्योंकि’ उपयुक्त है।
- लंबे वाक्यों में विराम चिह्न लगाकर अर्थ स्पष्ट करें।
- एक ही वाक्य में अनावश्यक रूप से कई संयोजक न जोड़ें।
अभ्यास प्रश्न
- समुच्चयबोधक की परिभाषा लिखिए।
- “मोहन पढ़ता है और सोहन लिखता है” में संयोजक बताइए।
- विकल्प बताने वाले दो शब्द लिखिए।
- “मैं नहीं आया क्योंकि बारिश थी” में कारण बताने वाला शब्द कौन-सा है?
- “वह गरीब था, फिर भी ईमानदार था” में विरोध का भाव किस शब्द से आया है?
उत्तर देखें
- दो शब्दों, पदों या उपवाक्यों को जोड़ने वाले शब्द।
- और।
- या, अथवा।
- क्योंकि।
- फिर भी।