संबंधबोधक हिंदी के अविकारी शब्दों या पदों का समूह है जो संज्ञा या सर्वनाम का दूसरे शब्दों से संबंध बताता है। हिंदी में ये प्रायः संज्ञा या सर्वनाम के बाद आते हैं, जैसे मेज़ पर, घर के पास, बच्चों के लिए।
संबंधबोधक की परिभाषा
जो शब्द या पद संज्ञा अथवा सर्वनाम का दूसरे शब्दों से स्थान, समय, दिशा, कारण, साधन या अन्य संबंध व्यक्त करे, उसे संबंधबोधक कहा जाता है। अलग-अलग पुस्तकों में इनके वर्गीकरण और नामों में थोड़ा अंतर मिल सकता है।
संबंधबोधक के सामान्य प्रयोग
| संबंध | शब्द/पद | उदाहरण |
|---|---|---|
| स्थान | के ऊपर, के नीचे, के सामने | बैग मेज़ के नीचे है। |
| निकटता | के पास, के निकट | विद्यालय घर के पास है। |
| दिशा | की ओर, की तरफ | वह द्वार की ओर चला। |
| कारण | के कारण, की वजह से | बारिश के कारण मैच रुका। |
| उद्देश्य | के लिए, हेतु | यह उपहार तुम्हारे लिए है। |
| साथ | के साथ | मैं मित्र के साथ गया। |
संबंधबोधक और कारक चिह्न
‘में’, ‘पर’, ‘से’, ‘को’ जैसे रूप कई बार कारक संबंध भी बताते हैं। “किताब मेज़ पर है” में ‘पर’ स्थान का संबंध बताता है। “उसने चाकू से फल काटा” में ‘से’ साधन का संबंध बताता है। वर्गीकरण करते समय वाक्य का अर्थ और पाठ्यपुस्तक की परिभाषा ध्यान में रखें।
उदाहरण
- बिल्ली कुर्सी के नीचे बैठी है।
- हम रविवार के बाद मिलेंगे।
- उसने बीमारी के बावजूद परीक्षा दी।
- यह नियम सभी विद्यार्थियों के लिए है।
अभ्यास प्रश्न
- संबंधबोधक किसे कहते हैं?
- “गाड़ी घर के सामने खड़ी है” में संबंधबोधक पद पहचानिए।
- “मेरे लिए पानी लाओ” में कौन-सा संबंध व्यक्त हुआ है?
- कारण बताने वाले दो संबंधबोधक पद लिखिए।
- “मैं बहन के साथ बाजार गया” में संबंधबोधक पद बताइए।
उत्तर देखें
- संज्ञा या सर्वनाम का दूसरे शब्दों से संबंध बताने वाला शब्द/पद।
- के सामने।
- उद्देश्य/लाभार्थी का संबंध।
- के कारण, की वजह से।
- के साथ।