वाक्य शुद्धि में व्याकरण, शब्द-चयन, लिंग-वचन, कारक, क्रिया और शब्द-क्रम की गलतियों को पहचानकर वाक्य का सही रूप बनाया जाता है।
वाक्य शुद्धि की परिभाषा
वाक्य में व्याकरणिक या प्रयोग-संबंधी त्रुटि पहचानकर उसे मानक रूप में सुधारना वाक्य शुद्धि कहलाता है।
सामान्य अशुद्धियाँ
| अशुद्ध वाक्य | शुद्ध वाक्य | कारण |
|---|---|---|
| सीमा बाजार गया। | सीमा बाजार गई। | लिंग का मेल |
| बच्चे खेल रहा है। | बच्चे खेल रहे हैं। | वचन और क्रिया का मेल |
| मेरे को पानी चाहिए। | मुझे पानी चाहिए। | मानक प्रयोग |
| वह मेरे से बड़ा है। | वह मुझसे बड़ा है। | सर्वनाम का उचित रूप |
| राम और मोहन आया। | राम और मोहन आए। | बहुवचन कर्ता |
| कृपया करके बैठिएगा ना। | कृपया बैठिए। | अनावश्यक शब्दों से बचें |
वाक्य सुधारने की विधि
- पहले वाक्य का अर्थ समझें।
- कर्ता और क्रिया के लिंग-वचन का मेल जाँचें।
- कारक चिह्न और सर्वनाम के रूप देखें।
- अनावश्यक या गलत शब्द हटाएँ।
- अंत में अर्थ और विराम चिह्न की जाँच करें।
अभ्यास
- शुद्ध कीजिए: “लड़की स्कूल जाता है।”
- शुद्ध कीजिए: “बच्चे पढ़ रहा है।”
- शुद्ध कीजिए: “राम और श्याम आया।”
- वाक्य शुद्धि किसे कहते हैं?
- वाक्य सुधारने के दो चरण लिखिए।
उत्तर देखें
- लड़की स्कूल जाती है।
- बच्चे पढ़ रहे हैं।
- राम और श्याम आए।
- वाक्य की त्रुटियों को सुधारकर मानक रूप बनाना।
- कर्ता-क्रिया का मेल जाँचना और कारक/सर्वनाम के रूप जाँचना।